बागला अस्पताल के बाहर मिले अज्ञात शव का समाजसेवियों ने कराया दाह संस्कार

उत्तर प्रदेश हाथरस
हाथरस। व्यक्ति के मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य कर रही एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स संस्था अज्ञात शवों के धार्मिक रीति-रिवाज से दाह संस्कार के लिए भी कार्य कर रही है।
अज्ञात शव का दाह संस्कार एडीएचआर की देखरेख और समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में किया गया। जिसके दाह संस्कार की व्यवस्था में सुनील अग्रवाल अध्यक्ष निस्वार्थ सेवा संस्थान का पूर्णरूपेण सहयोग रहा।
कोतवाली हाथरस गेट के अंतर्गत जिला बागला अस्पताल के बाहर शौचालय में एक व्यक्ति का शव उम्र 35 वर्ष का 30 अप्रैल को मिला था। जिसने चेक की सफेद शर्ट, नीला पेंट व गले में अंगोछा पडा था की वेशभूषा से कूड़ा बीनने वाला प्रतीत होता था। जिसके पास कूड़े के वोरा भी मिले थे। शव की हालत बहुत खराब हो चुकी थी, बुरी तरह से बदबू आ रही थी। 500 मीटर तक खड़ा नहीं हुआ जा रहा था।
पुलिस द्वारा शव को शिनाख्त के लिए 72 घंटे रखा गया। शव की शिनाख्त न होने के कारण शव को थाना पुलिस द्वारा लावारिस घोषित कर पोस्टमार्टम कराया गया। उसके उपरांत पुलिस द्वारा समाजसेवी सुनीत आर्य व प्रवीन वार्ष्णेय से शव के अंतिम संस्कार के लिए अनुरोध किया गया। समाजसेवियों द्वारा उपरोक्त शव का धार्मिक रीति रिवाज से अंतिम संस्कार पत्थर वाली स्थित श्मशान भूमि पर किया गया।
अंतिम संस्कार में  सुनील अग्रवाल अध्यक्ष निस्वार्थ सेवा संस्थान, प्रवीन वार्ष्णेय राष्ट्रीय महासचिव एडीएचआर, समाजसेवी सुनीत आर्य, नितिन अग्रवाल, टिंकू राना, योगेश पौरुष, आयोग दीपक, सुरजीत कुमार काली, बंटी भाई कपड़े वाले एवं कांस्टेबल लखन सिरोही मौजूद थे।

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