सरस्वती विद्या मंदिर कमला नगर में नवीन आचार्य विकास वर्ग का 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ प्रारंभ

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एटा अलीगढ़ फिरोजाबाद मथुरा और आगरा के आचार्यो ने लिया भाग
मोर्निंग सिटी संवाददाता
आगरा । सरस्वती विद्या मंदिर कमला नगर आगरा में छह दिवसीय नवीन आचार्य विकास वर्ग प्रारंभ हुआ बंदना से प्रारंभ हुए सत्र में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री डोमेश्वर साहू ,ब्रज प्रदेश संगठन मंत्री श्री हरिशंकर ,लघु उद्योग भारती के उपाध्यक्ष व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित पूर्व प्राचार्य अजय शर्मा
उपस्थित रहे।अतिथि परिचय सरस्वती विद्या मंदिर आगरा के प्राचार्य कृष्ण कांत द्विवेदी ने कराया । क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री डोमेश्वर साहू ने अपने उद्बोधन में कहा
 शिक्षा से ही राष्ट्र का निर्माण होता है 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई संघ का उद्देश्य देशभक्त नागरिकों का निर्माण करना था इस हेतु 1952 में प्रयागराज में तत्कालीन प्रांत प्रचारक भाऊराव देवरस विभाग प्रचारक श्री कृष्ण चंद्र गांधी, नानाजी देशमुख द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर प्रारंभ किया गया  सरस्वती शिशु एव  सरस्वती विद्या मन्दिर के मार्गदर्शन हेतु विद्या  भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की स्थापना 1977 में हुई। राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विचार विमर्श किया गया ।  देशभक्त नागरिकों के निर्माण के लक्ष्य को प्राप्ति हेतु  आचार्य  प्रशिक्षण की भी आवश्यकता महसूस हुई अतः उनके प्रशिक्षण हेतु लखनऊ ,जबलपुर , पिलखुआ व फरह आदि स्थानों पर आचार्य प्रशिक्षण केंद्र प्रारंभ किए गए|शिक्षा में शोध हेतु 1980 में अखिल भारतीय शोध संस्थान प्रारम्भ हुआ। जिसके साथ ही विद्या भारती प्रदीपका प्रारंभ की गई तथा बच्चों की शिक्षा व संस्कार हेतु बाल साहित्य देवपुत्र पत्रिका प्रारंभ की गई।  संस्कृति संस्कार व महापुरुषों आदि के संबंध में जानकारी हेतु संस्कृत बोध परियोजना प्रारंभ हुई  ।
उपेक्षित क्षेत्र की शिक्षा हेतु तीन प्रकार से योजनाएं बनाई गई जिसमें प्रथम विद्यालय में 5% बस्ती के छात्र लिए गए जिससे वे समाज से  समरस हो सके , दूसरी योजना में संस्कार केंद्र चलाकर अच्छी शिक्षा देना व तीसरी योजना में बस्तियों में कम या  निशुल्क शिक्षा देना ऐसे विद्यालय चलाए गए  ग्रामीण क्षेत्र में उनके अनुरूप शिक्षा की व्यवस्था की गई चार सत्रों के कार्यक्रम में सरस्वती विद्या मंदिर फैजाबाद के प्राचार्य श्री राम प्रसाद जी ने बताया की प्रार्थना में जो स्तुति होती है उसके भावार्थ को समझें औपचारिकता ना करें हृदय से बोले मस्तिष्क से नहीं, दीप मंत्र का महत्व बताया शांति पाठ से पूर्ण ब्राह्मण शांत हो जाता है जिस से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है प्राचार्य शशांक तिवारी ने अध्यापकों को हस्तलिखित पत्रिका बनाना, विद्या भारती का लक्ष्य ,राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चर्चा की।
कार्यक्रम में सरस्वती विद्या मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष सीए महेंद्र गर्ग ,प्रबंधक विजय कुमार गोयल, कोषाध्यक्ष मुरारी प्रसाद, विद्या मंदिर एटा के प्राचार्य प्रमोद वर्मा व प्रांत घोष प्रमुख गोपाल शर्मा उपस्थित रहे

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