बलिया गर्भवती अपनी सेहत का रखें खास ख्याल- डॉ० सुमिता सिन्हा।

Health उत्तर प्रदेश बलिया
गर्भवती महिलाओं को यह सेवा मिलती है नि:शुल्क
मोर्निंग सिटी संवाददाता  
बलिया। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम व जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए सभी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह नि:शुल्क हैं। गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं एवं एक वर्ष तक के बीमार शिशुओं को घर से अस्पताल, अस्पताल से घर के अलावा उच्च अस्पतालों में रेफर करने जैसी सभी स्थितियों के लिए 102 एम्बुलेंस सेवा बिल्कुल निशुल्क है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ० सुमिता सिन्हा का। डॉ सिन्हा ने बताया कि प्रसव के लिए अस्पताल आई गर्भवती के लिए भर्ती रहने तक नाश्ता एवं दो समय के भोजन की व्यवस्था निशुल्क है। योजना के तहत पंजीकृत गर्भवती को गर्भावस्था से लेकर प्रसव के दौरान या प्रसव के बाद में जरूरत पड़ने पर नि:शुल्क ब्लड की व्यवस्था का प्रावधान है। गृह आधारित शिशु की देखभाल कार्यक्रम (एचबीएनसी) के तहत आशा कार्यकताओं की ओर से प्रसव उपरांत मां बच्चे की स्वास्थ्य देखभाल के लिए नियमित फॉलोअप किया जाता है। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को सबसे ज्यादा देखभाल और सावधानी की जरूरत होती है। इस दौरान उनके खानपान और जिस तरह की जीवनशैली का पालन करती हैं, उसका सीधा असर उसकी गर्भावस्था और पेट में पल रहे शिशु पर पड़ता है। डॉ० सिन्हा का कहना है कि हर गर्भवती को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता बहुत जरूरी है। आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के अलावा अपने चिकित्सक से घर पर स्वच्छता के तौर-तरीकों के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। मौसमी फल, हरी सब्जी खासकर पत्तेदार, दूध, दही, गुड़ चना, दलिया व पोषाहार को अपने दैनिक भोजन में शामिल करें। यदि गर्भावस्था को लेकर किसी भी तरह की चिंता में है, तो फोन पर अपने क्षेत्र की आशा, एएनएम या स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर सकती हैं। हार्मोनल बदलावों के कारण गर्भवती के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है। ऐसे में उनमें तनाव, डिप्रेशन, चिंता, गुस्सा, घबराहट, एकाग्रता की कमी आदि आम समस्याएं बन जाती हैं। इसलिए इस दौरान उन्हें अपने स्वास्थ्य का खास ख्याल रखने की आवश्यकता है। गर्भवती महिलाएं इस समय में पर्याप्त पोषण लें और आहार में तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ाएं। दिन में दो घंटा व रात में सात से आठ घंटे की नींद लें । खाली समय में किताब पढ़ें या संगीत सुनें।

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