शहर के कई स्थानों पर चल रहा सट्टा,लगा तेजतर्रार एसएसपी की कार्यशैली पर बट्टा

अलीगढ़ उत्तर प्रदेश
अलीगढ़। शहर के कई इलाकों में सट्टे का कारोबार खूब जमकर परवान चढ रहा है। जिसके चलते सट्टा खाईवाल की तादात बढ़ती जा रही है। पुलिस अधिकारियों की अनदेखी से शहर में युवा पीढ़ी भी सट्टा बाजार में खाईवाल द्वारा दिखाएं जाने वाले रंगीन सपनों के जाल में फंसते जा रहे। नतीजा यह होता है कि जुआ ओर सट्टे के परिणाम को जानकर भी इस गलत लत में बड़े दलालो के जाल में फस जाते है, जिसके कारण कई घर परिवार बनने से पहले बिगड़ जाते है। वहीं शहर के एक थाने में वर्षों से जमा पड़ा दंस्पेक्टर का हमराह सिपाही भी लाखों रूपये सट्टे की खाईवाड़ी में आधे-आधे का हिस्सेदार बना हुआ है।
थाना सासनी गेट के अंतर्गत मदीना कॉलोनी पर बड़े पैमाने पर सट्टे का  कारोबार फल-फूल रहा है। जिसमें सट्टा किंग तमजीत उर्फ मुन्ना  और उसके गुर्गे मुस्तकीम उर्फ  बुड्ढा  शाम होते ही गली चौराहे पर सट्टा लेना लिखना शुरू हो जाता है। उसके इस काम में तथाकथित पत्रकार भी शामिल है और सटोरिया के कहने पर दुकान में अपनाकार्यालय भी बना रखा है जहां फर्जी तरीके से उसी ऑफिस पर सट्टे का लेनदेन होता है और शाम को 9ः00 बजे से लेकर 11ः00 बजे तक वहां पर सट्टे का लेनदेन होता है । गली के बाहर  मुन्ना के लोग खड़े रहते हैं होटलों पर चौराहे पर पुलिस की देखरेख के लिए  जिनके नाम ईदा  हसीब,निजाम, इदरीश आदि।
इन स्थानो पर हो रहा सट्टा
सूत्रों के अनुसार शहर मे सट्टे के बड़े दलाल क्षेत्र में अपनी नींव जमाकर लंबे समय से सट्टा बाजार में अपना जाल फैलाते जा रहे हैं। खासकर थाना सासनीगेट पला साहिबाबाद बराई मौहल्ला,मदीना कॉलौनी एंव कोतवाली नगर के भुजपुरा,सराय मियां देहलीगेट,थाना गांधी पार्क के नौरंगाबाद छावनी,नगला मानसिंह,डोरी नगर, आदि इलाकों में लंबे समय से सट्टा के खाईवाल ओर दलालो के जमावड़े लगे रहते है। इन इलाकों में बड़े पैमाने पर जुआ व सट्टा का खेल जोरो पर चलने के कारण कई बड़े बुकी अपना जाल फैला कर धड़ल्ले से काम कर रहे हैं। वहीं खासकर प्रायवेट बस स्टेंड एंव रोडवेज के सामने बनी खंडर दुकानो एंव खाने के होटलो एंव चाय कि दुकानो कि आड़ मे यह कारोबार निरंतर जारी है। यहां हर हजारों लाखों के दांव लगाए जाते देखे जा सकते हैं। इस दांव में बुजुर्ग से लेकर युवा वर्ग लिप्त है। जिस तेजी से सट्टे का बाजार हर उम्र के तबके में बढ़ता जा रहा है। पुलिस प्रशासन के रोकथाम नहीं कर पा रही हैं। शहर पुलिस सट्टे के खिलाफ सिर्फ दिखावे की कार्रवाई करती है। सौ से डेढ सौ रुपए मात्र के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर खाना पूर्ति करती है। लेकिन बड़े खाईवालों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच रहें हैं, जबकि बड़े रसूखदार जुआ व सट्टे व दलालो पर पुलिस की नजर नही पड़ती है। जिसके कारण चारो ओर सट्टे का करोबार बढ रहा है। शहर में निजाम, जाकिर, भारत सहित कई बड़े सटोरिये लगातार सक्रिय है।

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