किसानों को नहीं मिल रही है डीएपी खाद

उत्तर प्रदेश किसान बदायू
मोर्निंग सिटी संवाददाता 
कादरचौक/बदायूं ! विकासखंड कादरचौक के कस्बा कादरचौक पर किसान सेवा सहकारी समिति पर खाद डीएपी की जमकर कालाबाजारी हो रही है जिसमें रात को ही महिलाएं और पुरुष लाइन में लग जाते हैं और सुबह से लेकर शाम तक भूखे प्यासे लाइन में लगे रहते है !  दिन भर डीएपी खाद का इंतजार के बाद शाम को खाली हाथ किसानों म को अपने घर लौटना पड़ रहा है जिले में डीएपी खाद की किल्लत से गेहूं की फसल की बुवाई नही हो पा रही है सहकारी समिति में डीएपी खाद नहीं होने को रोना रोया जाता है दिन भर खाद मिलने की आस लगाए इंतजार के बाद किसानों को शाम को अपने घर खाली हाथ जाना पड़ता है जिसके कारण गेहूं की फसल की बुवाई नहीं हो पा रही है कृषि विभाग भरपूर खाद होने और एक हफ्ते मे खाद आने का दावा कर रही है मगर यहां पर देहात क्षेत्र में स्थित सहकारी साधन समितियों पर किसानों को खाद नहीं मिल रही है ! आपको बता दें कि कस्वा  कादरचौक के सहकारी साधन समिति पर किसानों को रात के 2:00 बजे से लाइन में लगना पड़ता है इस लाइन में पुरुषों के साथ महिलाएं भी डीएपी खाद के लिए लाइन में रात से ही लगी रहती हैं उसके बाद भी दिन भर भूखी प्यासी लाइन में लगने के बाद इन महिला और पुरुषों को खाद नहीं मिल पाती है सुबह 10:00 बजे तक साधन समिति पर कोई भी नहीं आया कृषि विभाग का कोई भी खाद बांटने का टाइम टेबल नहीं है इसलिए वहां पर आए ग्रामीणों ने बताया कि हम सभी लोग रात के 2:00 बजे से भूखे प्यासे डीएपी खाद के लिए लाइन में लगे हुए हैं उसके बावजूद भी अभी तक कोई भी सरकारी कर्मचारी डीएपी खाद बांटने के लिए नहीं आया है सहकारी साधन समिति के पास बनी दुकानों पर बैठे लोगों से पूछनेपर उन्होंने 1:00 बजे खाद बांटने के लिए बताया है शाम को जाकर जब किसान लोगों से पूछा तो उन्होंने बताया कि कुछ किसानों को डीएपी खाद दे दी है और बाकी के लोगों से कह दिया है कि डीएपी खाद खत्म हो गई है सभी किसान बिगर डीएपी खाद के अपने घर खाली हाथ लौट रहे हैं इस हिसाब से ऐसा लग रहा है कि साधन सहकारी समितियों पर डीएपी खाद की कालाबाजारी की जा रही है जिसके कारण किसानों को डीएपी खाद नहीं मिल रही है इस तरीके से सरकार के सभी वादे किसानों की नजर में खोखले नजर आ रहे हैं किसानों को जब सही समय पर डीएपी खाद नहीं मिलेगी तो वह अपने खेत में अनाज कैसे पैदा करेंगे इस बात को लेकर सभी किसान बहुत चिंतित हैं !

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