ऋषि-मुनियों की मयन नगरी में तीन दिन से आफत की बारिश

उत्तर प्रदेश मैनपुरी

अन्नदाता के खेतों में खड़ी फसलें हुई बर्बाद, किसान को दो वक्त की रोटी के पड़े लाले


मैनपुरी। ऋषि-मुनियों की तपोभूमि कही जाने वाली मैनपुरी में लगातार हो रही भारी बारिश आफत की तबाही लेकर आई है। अन्नदाता पूरी तरह से भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। खेतों में खड़ी बाजरा, धान, मक्का, आलू की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। किसान नेताओं ने सरकार से मुआवजा देने और किसानों से सरकारी वसूली माफ करने की मांग उठाई है।
मैनपुरी में पिछले दो दिन से लगातार हो रही भारी बरसात में चारों तरफ तबाही मचा दी है। मैनपुरी की ज्यादातर आबादी कृषि पर आधारित है ।हर तरफ से खासकर गरीब किसान के मुंह से एक ही आवाज आ रही है। बस -अब तो रहम करो ऊपर वाले। आफत भरी तवाही की भारी बरसात में किसानों के खेतों में खड़ी आलू, धान, बाजरा, मक्का ,सरसों की फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। अन्नदाता पूरी तरह से भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। किसी ने सूद पर पैसे लेकर खेतों में लागत लगाई थी, किसी ने बैंक से ब्याज पर पैसा लिया था। सोचा था खेतों में खड़ी फसल में अच्छी पैदावार होने से सब कुछ ठीक-ठाक हो जाएगा। आफत की बरसात ने अन्नदाता के अरमानों पर पानी फेर दिया है। अन्नदाता अब केवल खून के आंसू रोने पर विवश है। अच्छी पैदावार की आस लगाए बैठे किसान को दो वक्त की रोटी के लाले पड़ते नजर आ रहे हैं। किसी के घर में बेटी की शादी थी, तो किसी का बेटा अच्छी शिक्षा पाने के लिए बड़े शहरों में जाने की तैयारी कर रहा था। सब कुछ बर्बाद होने से अन्नदाता कहे जाने वाले किसान के चेहरे पर सिर्फ चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं, किसान नेताओं ने किसानों की बर्बाद हुई फसलों का खेत पर जाकर बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद किसान नेताओं का कहना है कि अन्नदाता पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। सरकार से किसान नेताओं ने मुआवजा दिए जाने की मांग की। साथ ही किसान का कर्जा माफ किया जाए। किसान पर जो भी सरकार का बकाया हो, उस वसूली पर पूरी तरह से तत्काल रोक लगाई जाए।

अब कैसे होंगे बिटिया के हाथ पीले
विकासखंड कुरावली के ग्राम ज्यौली झिगरपुर निवासी किसान रामसनेही राजपूत का कहना है बैंक से कर्ज लेकर खेत में धान और मक्का की फसल तैयार की थी, 15 दिन बाद घर में बेटी की शादी की शहनाई बजने वाली थी। बरसात से फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। कैसे बेटी के हाथ पीले होंगे। अब तो खाने के भी लाले दिखाई पड़ रहे हैं।

सब कुछ बर्बाद हो गया
विकास खंड सुल्तानगंज के ग्राम इमादपुर निवासी किसान राजेश कुमार का कहना है कर्ज लेकर खेत में आलू की फसल बोई थी। दो दिन से लगातार हो रही बरसात के कारण खेत में पानी लबालब भर गया है। दो लाख से अधिक लागत खर्च हुई थी। बरसात ने सब कुछ दबा कर रख दिया है। खेत में खड़ी बाजरा और मक्का की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है अब तो रोजी रोटी के भी लाले पड़ने वाले हैं।

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