अपने माता-पिता को कष्ट देने वाला कभी सुखी नहीं रह सकता – आचार्य हरिशंकर अरेले

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मोर्निंग सिटी संवाददाता 
बाह / आगरा !  ब्लाक जैतपुर के सरोखीपुरा गांव में आचार्य हरिशंकर अरेले ने ‘ना राम नाम लीनो, ना कृष्ण नाम लीनो तूने भरी जवानी में, ये जीवन बीत गया तेरा नादानी में। क्या किया बता तूने अपनी जिंदगानी में’ गीत गुनगुनाना तो भागवत पंडाल कृष्ण और राम की भक्ति में डूब गयी। कथा व्यास ने कहा कि जब पाप बढ़ता है, तो भगवान का अवतार होता है। उनके अवतार से सब भक्तों का बेड़ा पार होता है। धर्म की स्थापना के लिए भगवान अवतार लेते है। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा सबसे बड़ा पुण्य होता है, माता-पिता संसार मे प्रत्यक्ष देवता हैं। इनकी सेवा ही सबसे बड़ा भजन है, आप भजन न करें, मंदिर न जाए, कथा न सुने चलेगा। लेकिन यदि आप अपने माता-पिता की सेवा नहीं करते है तो नहीं चलेगा, जो व्यक्ति अपने माता-पिता को कष्ट देता है वो जीवन मे कभी सुखी नही रह सकता। माता-पिता की आंखों से जीवन मे सिर्फ दो ही बार आंसू निकलते है। एक जब बेटी घर छोड़कर जाती है और दूसरा जब बेटा मुंह मोडता है। भगवान राम ने भी कहा कि वहीं बेटा भाग्यवान होता है जो माता-पिता के वचनों को मानता है। इस दौरान परीक्षित श्याम कृष्ण शर्मा, मंजू शर्मा ,चांदनी, पूजा, ज्योति शर्मा, पूनम, आदि मौजूद रहे।

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