कोरोना में माता-पिता को खो चुके बच्चों को पीएम ने दी सौगात

अलीगढ़ उत्तर प्रदेश
अलीगढ़। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान अपने माता-पिता खो चुके बच्चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत सोमवार को 20 हजार रूपये स्कॉलरशिप ट्रांसफर किया। प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि ऐसे बच्चों को उनकी उच्च शिक्षा के लिए लोन चाहिए होगा तो पीएम केयर्स उसमें उनकी मदद करेगा। उनके लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के जरिए हर महीने 04 हजार रुपए की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि बच्चे पढ़ाई करेंगे तो आगे और भी पैसों की जरूरत होगी। उन्हें 18 साल से 23 साल तक स्टाइपेंड मिलेगा। 23 साल होने पर उन्हें आत्मनिर्भरता के लिये 10 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यदि कोई बीमारी आ गई तो इलाज के लिए पैसे चाहिए होंगे। उनके अभिभावकों को उसके लिए भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। आपको आयुष्मान कार्ड दिया जा रहा है। इससे 5 लाख तक का इलाज मुफ्त मिलेगा। प्रधानमंत्री जी ने आगे कहा कि यह एक छोटा सा प्रयास है। जिनके माता-पिता नहीं रहे। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन इस बात का भी प्रतिबिंब है कि हर एक देशवासी आपके साथ है। मुझे संतोष है कि बच्चों की निरन्तर पढ़ाई के लिए उनके घर के पास ही सरकारी या प्राइवेट स्कूल में एडमिशन कराया जा चुका है। आगे का कैरियर संवारने के लिए बच्चों को मार्गदर्शन की जरूरत होगी, जिसके लिए हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि सरकार ने एक कोशिश करने का प्रयास किया है। इसके लिए एक विशेष संवाद सेवा शुरू की है। हेल्पलाइन पर बच्चे मनोवैज्ञानिक विषयों पर सलाह ले सकते हैं। उनसे चर्चा कर सकते हैं। कोरोना महामारी की मार पूरी दुनिया ने सही है। आपने जिस साहस और हौसले से इस संकट का सामना किया है। उस हौसले के लिए मैं आपको सलाम करता हूं। अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि पूरा देश आपके साथ है। मैं एक बात और कहूंगा कि कोई भी प्रयास और सहयोग आपके माता-पिता के स्नेह की भरपाई नहीं कर सकता, लेकिन उनके न होने पर मां भारती आपके साथ है।
क्या है पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना
इस स्कीम का मकसद बच्चों को भोजन और घर उपलब्ध कराकर उनकी देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऐसे बच्चों को शिक्षा और स्कॉलरशिप के जरिए सशक्त बनाने के साथ 23 साल की उम्र में 10 लाख रुपए की वित्तीय सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यह स्कीम हेल्थ इंश्योरेंस के जरिए ऐसे बच्चों की सेहत का भी ख्याल रखती है। इसके तहत उन्हें 5 लाख रुपए का हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा।
जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी 13 बच्चों से उनकी शिक्षा एवं स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन सदैव आपके साथ है। किसी भी प्रकार की समस्या से निजात दिलाने के लिये काउंसलर्स की मदद दिलाई जाएगी। उन्होंने बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि हमेशा शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहने का प्रयास करें। वर्तमान समय में प्रतियोगी परीक्षाओं का दौर बढ़ा है, पढ़ते समय ध्यान केन्द्रित करें और अपने लक्ष्य के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने अभिभावकों से वार्ता करते हुए कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि को बच्चों के विकास एवं शिक्षा पर खर्च किया जाए। मा0 प्रधानमंत्री जी द्वारा एक प्रकार से इन बच्चों को गोद लेते हुए स्वयं इस योजना की मॉनीटरिंग की जा रही है। अभिभावक एवं बच्चे किसी भी समस्या के लिये 10-12 बजे के मध्य उनसे मिल सकते हैं। बच्चों का अच्छे से ध्यान रखा जाए और सदैव योजना की नोडल जिला प्रोबेशन अधिकारी के सम्पर्क में रहें। इस दौरान कक्षा 4 से 12 तक शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों ने भी विचार रखते हुए जिलाधिकारी से खुलकर बातें कीं, सेल्फी लेते हुए उनका आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बच्चों को प्रेरणादायक लघु फिल्म भी दिखाई गयी।
बच्चे इन क्षेत्रों में बनाना चाहते हैं अपना कैरियर
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना का लाभ लेने पहुॅचे बच्चों ने भविष्य की खूबसूरत तस्वीर पेश करते हुए बताया कि उनमें से किसी को सेना की वर्दी बहुत लुभाती है तो किसी को पुलिस यूनिफार्म अपनी ओर आकर्षित करती है। कुछ बच्चे ऐसे भी रहे जो डॉक्टर और इंजीनियर बनकर देश की सेवा में कोरोना में माता-पिता को खो चुके बच्चों को पीएम ने दी सौगातपर मुख्य विकास अधिकारी अंकित खण्डेलवाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी स्मिता सिंह, सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार, रतन वार्ष्णेय, नीरज शर्मा समेत लाभार्थी बच्चे एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

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