पीएम आवास के दावों की पोल खोलती गरीब खुले आसमान में रहने को मजबूर

उत्तर प्रदेश एटा
 एटा। जलेसर तहसील क्षेत्र के रोहिना मिर्जापुर गांव में गरीब बुजुर्ग महिला अपनें बच्चों नाती बेटा के साथ मजबूरी में जीने को मजबूर हो रही है। जहाँ बुजुर्ग महिला को जब  पत्रकारों ने सवाल पूछने की कोशिश की तो महिला अपनें आसूओं को रोक नही सकी और रो रो कर बुरा हाल हो गया अपनी पीड़ा भी नही बता सकी  पीड़ित बुजुर्ग महिला कच्चे मकान में काफी सालों से रहकर गुजर भसर कर रही है  बुजुर्ग महिला की पुत्र बधू गर्भ वती है।वह चूल्हे पर खाना बना रही थी तो  उसकों पूछा गया कि सरकार के दुआरा गैस सिलेंडर मुहैया कराया गया था क्या मिला, तो गैस सिलेंडर के बारे में  उसने बता दिया कि गैस सिलेंडर तो मिला लेकिन खत्म हो गया अब उसकों भरवाने के लिए इतना पैसा नही है कि सिलेंडर भराकर दो वक्त की रोटी बनाकर खाँ लें
बडा सवाल
आखिर सरकार में बैठे जिम्मेदार क्या रोहिना मिर्जापुर के पीड़ितों की कर पाएगें क्या मदद
भारतीय किसान यूनियन भानू के जिलाध्यक्ष पंकज ठाकुर ने सोशल मीडिया के माध्यम से जब सुना कि रोहिना मिर्जापुर गांव में एक बुजुर्ग महिला कच्चे मकान में मजबूरी में जीने को मजबूर है वह भी भारी बर्षा के कारण कच्चा मकान ढह गया अब छप्पर और त्रिपाल में रहकर गुजर कर रही है। तो भानू गुट के जिलाध्यक्ष ने बताया कि रोहिना मिर्जापुर के प्रधान की बड़ी लापरवाही है शिकायत के बाबजूद भी महिला को आवास दिलाने की कोशिश कार्रवाही नही की जा रही ऐसे प्रधान को तो चुल्लू भर पानी में डूब कर मर जाना चाहियें।
वही भारतीय किसान यूनियन भानू प्रयास करेगी कि बुजुर्ग महिला को आवास दिलायें जाने को लेकर अभी अवागढ के खंड विकास अधिकारी से बात की गई है।
अगर सुनवाई नही की गई तो डीएम अंकित अग्रवाल के आवास के सामने धरना-प्रदर्शन के लिए यूनियन बाध्य होगी।
रोहिना मिर्जापुर के एक मजदूर ने बताया कि उसका बारिश में टीन शैड गिर गया उस मजदूर ने यह  बताया कि मेरे बीबी बच्चा ही घर छोड़कर चलें गयें कि मकान से टीनशैड टूट गया तो मुझे अकेला रहना पड रहा है। वही किसी विधायक ने इस और कोई ध्यान नही दिया कि बुजुर्ग महिला की मदद कैसे की जाए किसी ने आर्थिक सहायता भी नही की रोहिना मिर्जापुर गांव का मुख्य मार्ग भी खस्ताहाल है राहगीर से बात की तो सुनिए क्या कहाँ सडकें टूटी उखडी हुई पडी है कहने को तो यह गांव सबसे बड़ी आबादी वाला गांव है अवागढ क्षेत्र में लेकिन समाज सेवी फिर भी इधर कोई ध्यान नही देते।

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