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Agra News:वंदे मातरम् भारत की आत्मा की आवाज,जिसने देश को एकता के सूत्र में बांधा—मंत्री जयवीर सिंह

by morning on | 2025-11-07 16:41:38

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Agra News:वंदे मातरम् भारत की आत्मा की आवाज,जिसने देश को एकता के सूत्र में बांधा—मंत्री जयवीर सिंह


शहीद स्मारक पर हुआ भव्य आयोजन, ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक गायन और आत्मनिर्भर भारत की शपथ

Morning City

आगरा राष्ट्रवाद के अग्रदूत बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को ताजनगरी आगरा देशभक्ति के रंग में सराबोर रही। शहीद स्मारक, संजय प्लेस पर भव्य आयोजन हुआ, जिसमें प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन किया गया और “आत्मनिर्भर भारत व स्वदेशी संकल्प” की शपथ ली गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने की। इस दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का सजीव प्रसारण भी किया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, स्कूली छात्रों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और नागरिकों ने बड़ी उत्सुकता से देखा-सुना।

शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। इसके बाद भारत माता और बंकिमचंद्र चटर्जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन किया गया। संगीतमय वातावरण में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में “वंदे मातरम्” गाते हुए स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों को नमन किया। बच्चों और युवाओं में उत्साह और गर्व का भाव झलकता रहा। हर जुबां पर एक ही स्वर था—“माँ तुझे प्रणाम”।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण
कार्यक्रम के दौरान लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुए राज्यस्तरीय समारोह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण भी हुआ। प्रधानमंत्री ने “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने को “भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का क्षण” बताते हुए देशवासियों से इस गीत को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह गीत देशभक्ति, एकता और स्वाभिमान का प्रतीक है और हर भारतीय के हृदय में इसका स्थान सर्वोच्च है।

मंत्री जयवीर सिंह बोले—“वंदे मातरम्” केवल गीत नहीं, भारत की आत्मा की आवाज
अपने प्रेरणादायी संबोधन में प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि “वंदे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की आवाज है। यह वह स्वर है जिसने गुलामी की बेड़ियों में जकड़े भारत को नई दिशा, नई ऊर्जा और एकता का भाव दिया। उन्होंने कहा—“जब भारत अंग्रेजी हुकूमत की जंजीरों में बंधा था, तब बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने इस गीत के माध्यम से देशवासियों को जागृत किया। इस गीत ने हर भारतीय के हृदय में स्वतंत्रता का जज्बा पैदा किया। यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के हर सत्याग्रह, हर बलिदान के केंद्र में रहा। जब भी कोई क्रांतिकारी फांसी के तख्ते पर गया, उसकी जुबां पर ‘वंदे मातरम्’ ही था।”

मंत्री ने कहा कि आज यह गीत केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की प्रेरणा है। आने वाली पीढ़ी को इस गीत का महत्व समझाना हर भारतीय का कर्तव्य है। “2047 तक विकसित भारत के संकल्प की प्राप्ति के लिए हमें इस गीत की भावना को आत्मसात करना होगा। यह गीत हमें सिखाता है कि अपनी बुद्धि, विवेक और क्षमता को मातृभूमि की सेवा में समर्पित करें। हमारे पूर्वजों ने इस गीत से प्रेरणा लेकर देश को आजादी दिलाई, अब हमारी जिम्मेदारी है कि इस भावना से भारत को फिर से विश्वगुरु बनाएं।”

वंदे मातरम् ने जोड़ा हर धर्म, हर वर्ग
जयवीर सिंह ने आगे कहा कि “वंदे मातरम्” वह मूल मंत्र था जिसने भारत को एक सूत्र में बांध दिया। “अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में इस गीत ने हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई—सभी को जोड़ा। यह गीत राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक बना। हमारे वीर क्रांतिकारी इस गीत को गाते हुए फांसी के फंदे पर चढ़ गए, लेकिन उनकी आत्मा मातृभूमि की जय से गूंजती रही। आज भी जब यह गीत गूंजता है तो हर भारतीय का हृदय गर्व से भर जाता है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर इसे जन-जन तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि नई पीढ़ी को भी इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक गहराई का अनुभव हो सके।

जनप्रतिनिधियों ने भी की प्रेरक अपील
इस मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे आयोजन देशभक्ति की भावना को प्रबल करते हैं और आमजन को राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में एकता, समरसता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का काम करते हैं। सभी ने शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की और कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभाएगा।

देशभक्ति के जयघोष से गूंजा शहीद स्मारक
पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण देशभक्ति के जयघोष से गूंजता रहा। बच्चे, युवा और बुजुर्ग—सभी “वंदे मातरम्” के स्वर में एकजुट होकर राष्ट्रप्रेम का संदेश देते रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह और अन्य अतिथियों ने सभी प्रतिभागियों को राष्ट्रसेवा और स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में शिव शंकर शर्मा, हेमंत भोजवानी, मुनेंद्र जादौन, शरद चौहान, मनीष गौतम, शैलू शर्मा, रोहित कत्याल, डॉ. रुचि चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में नागरिक, विद्यार्थी और अधिकारी मौजूद रहे। दिन भर चले इस भव्य आयोजन ने आगरा में एक बार फिर स्वतंत्रता संग्राम की यादें ताजा कर दीं। हर ओर “वंदे मातरम्” की गूंज के साथ मातृभूमि के प्रति समर्पण, एकता और स्वाभिमान का संदेश दिया गया।

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