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Mainpuri News:दुकानों पर इस्तेमाल किये जा रहे घरेलू गैस सिलेंडर मैनपुरी में घरेलू सिलेंडरों की कालाबाजारी का खुलासा

by morning on | 2025-12-01 01:50:12

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Mainpuri News:दुकानों पर इस्तेमाल किये जा रहे घरेलू गैस सिलेंडर मैनपुरी में घरेलू सिलेंडरों की कालाबाजारी का खुलासा

फोटो परिचय-एक हथठेला पर इस्तेमाल होता हुआ घरेलू गैस सिलेंडर।

Morning City

मैनपुरी सिर्फ शालिनी और मीना ही नहीं, सैकड़ों उपभोक्ता के घरेलू गैस सिलेंडर का दुरुपयोग रेस्टोरेंट, होटल, ढाबा और फास्ट फूड सेंटर पर हो रहा है। एजेंसी एवं उपभोक्ताओं की साठ-गांठ और विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण घरेलू सिलिंडर की कालाबाजारी का खेल जिले में खूब चल रहा है।

विभाग व एजेंसी से मिले अनुमानित आंकड़े के अनुसार जनपद में 30 एजेंसी से लगभग 4.30 लाख से ज्यादा उपभोक्ता जुडे हैं जो घरेलू सिलेंडर खरीदते हैं। वहीं, व्यावसायिक उपभोक्ताओं की बात करें तो लगभग छह हजार ने ही कमर्शियल सिलेंडर ले रखे हैं। छोटी-बड़ी मिलाकर जनपद में 20 हजार से ज्यादा खाद्य सामग्री की दुकान हैं। ज्यादातर के यहां घरेलू सिलेंडर ही जलाए जा रहे हैं।

एजेंसियों के माध्यम से हो रहा खेल
कागजों में भले ही घरेलू सिलेंडर की संख्या उपभोक्ताओं की संख्या के अनुसार सीमित है, लेकिन व्यावसायिक कारोबार में इनकी अनाधिकृत बिक्री का खेल एजेंसियों के माध्यम से ही हो रहा है। इसके विरुद्ध जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय के माध्यम से अब तक कोई कार्रवाई नहीं कराई गई।

लालच में उपभोक्ता और हॉकर कराते कालाबाजारी
एक हॉकर ने बताया कि 14 किग्रा की क्षमता वाले घरेलू सिलेंडर में खत्म होने पर भी एक से दो किग्रा गैस रहती है। वे ऐसे सिलेंडर से गैस को खाली कर दूसरे में भर देते हैं और 950 रुपये में दुकानदार को बेच देते हैं। प्रतिदिन ऐसे लगभग 50 सिलेंडर एक एजेंसी से निकल जाते हैं। कई ग्राहक भी सिलेंडर की कालाबाजारी करते हैं। 876 रुपये में सिलेंडर लेकर वे दुकानदारों को एक हजार रुपये में आसानी से बेच देते हैं। कई हॉकर तो सिलेंडर आपूर्ति से पहले ही उनसे गैस की चोरी कर लेते हैं।
 
एक नजर में जनपद की स्थिति
- 30 गैस एजेंसी का जिले में संचालन हो रहा है।
- 09 भारत पेट्रोलियम की हैं।
- 04 हिंदुस्तान पेट्रोलियम की हैं।
- 17 इंडेन से संबंधित हैं।
- 4.30 लाख से ज्यादा उपभोक्ता हैं।

कंपनियों का भी भरपूर दबाव
इस अनाधिकृत कारोबार के लिए पेट्रोलियम कंपनियां भी जिम्मेदार हैं। एक एजेंसी संचालक ने बताया कि कंपनियों द्वारा ज्यादा कारोबार का दबाव बनाया जाता है। ऐसे में वे सिर्फ सिलेंडर बेचने पर ध्यान देते हैं। घरेलू और कामर्सियल देखने का समय ही नहीं मिलता।

नोडल अधिकारियों ने नहीं की जांच
हर पेट्रोलियम कंपनी द्वारा जनपद में अपना प्रतिनिधि तैनात कर रखा है। उन्हें नोडल भी बनाया गया है, लेकिन प्रतिनिधियों के माध्यम से कभी भी घरेलू गैस सिलिंडर की कालाबाजारी को लेकर सत्यापन नहीं कराया गया। इस बात की भी जांच नहीं की गई कि रेस्टोरेंट या होटल पर संचालित सिलिंडर किनके नाम पर स्वीकृत है।

क्या बोले जिला पूर्ति अधिकारी
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर घरेलू गैस सिलिंडर का प्रयोग गलत है। बार-बार कहने के बावजूद एजेंसी संचालकों द्वारा कामर्सियल सिलिंडर का डाटा उपलब्ध नहीं कराया गया है। नियमतरू घरेलू सिलिंडर का व्यावसायिक उपयोग करने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी कराई जाती है। अभियान चलाकर मनमानी करने वालों को पकड़ा जाएगा। यदि किसी उपभोक्ता के नाम का सिलिंडर मिलेगा तो भी जांच होगी। - रमन मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी।


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